बलौदा बाजार पुलिस विभाग ने की जिला स्तरीय न्याय संहिता कैंपेन का आयोजन








- न्याय पर केंद्रित: नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य ‘दंड’ देने के बजाय नागरिक को ‘न्याय’ प्रदान करना और उसके अधिकारों की रक्षा करना है।
- डिजिटल और हाई-टेक प्रणाली: अब एफआईआर (FIR) से लेकर अदालत के फैसले तक की प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है।
- महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के लिए नए कानून में अत्यंत कड़े प्रावधान और अलग से विशेष अध्याय जोड़े गए हैं।
- जीरो एफआईआर (Zero FIR): अब कोई भी नागरिक किसी भी थाने में जाकर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो।
- समय-सीमा तय: पुलिस जांच, चार्जशीट दाखिल करने और अदालत द्वारा फैसला सुनाने के लिए सख्त समय-सीमा (Timeline) तय की गई है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
यातायात नियम और साइबर जागरूकता पर विशेष सत्र:– कानूनी जागरूकता के साथ-साथ वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए सुरक्षा संबंधी विशेष सत्र भी आयोजित किए गए:
यातायात सुरक्षा:– उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री संजय साहू ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन की अनिवार्यता और दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
साइबर अवेयरनेस:– सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य द्वारा वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन और साइबर फ्रॉड के तरीकों से अवगत कराते हुए, उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय और साइबर जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों और आमजन की गरिमामयी उपस्थिति:– मंच का कुशल और सफल संचालन उप पुलिस अधीक्षक (कैंप कसडोल) श्री कौशल किशोर वासनिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बलौदाबाजार) श्री अभिषेक सिंह द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और नागरिकों के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया। इस जिला स्तरीय अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (भाटापारा) श्री हेमसागर, एसडीओपी भाटापारा श्री तारेश साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश श्रीवास्तव सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी, समस्त प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर (PSI) और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ज्ञानवर्धक कैंपेन का भरपूर लाभ उठाया।

