श्री सीमेंट संयंत्र खदान विस्तार की जनसुनवाई में लोगों का फुटा गुस्सा
ओम जायसवाल बलौदाबाजार –बलौदा बाजार जिले के ग्राम पंचायत पत्थरचूआ में श्री सीमेंट संयंत्र के चूना पत्थर खदान विस्तार के लिए आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सरपंच पंच लोगों को जनसुनवाई के बारे में जानकारी नहीं दी गई और नहीं गांव में मुनयादी कराया गया ,पूर्व सरपंचो के द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव के आधार पर जनसुनवाई का आयोजन किया गया है जिसे लेकर ग्रामीणों ने अपना विरोध जाता है।

कुछ समय तक जनसुनवाई सुचारू रूप से संचालित होता रहा , कुछ लोगों ने कंपनी के समर्थन में अपनी बात रखी तो कुछ लोगों ने विरोध में । सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि बाहर के लोगों ने आकर कंपनी का समर्थन करने की जैसे ही अपनी बात रखी वैसे ही स्थानिय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना था कि श्री सीमेंट संयंत्र के द्वारा अपने ही कुछ लोगों को ग्रामीणों के बीच शामिल करके इस जनसुनवाई में उनका समर्थन लेकर ,श्री सीमेंट संयंत्र अपने पक्ष में जनसुनवाई को दिखाना चाह रहा है। लेकिन हम उनकी इस मंशा को पूरा नहीं होने देंगे यह कहते हुए ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज कराया इसके बाद जनसुनवाई को बीच मे ही बंद करा दिया गया।

जनसुनवाई के सभी स्थल में केवल श्री सीमेंट के विरोध में ही किसानों की आवाज सुनाई पड़ रही थी। पहली बार किसी जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीण किसान स्थानीय जनप्रतिनिधि एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते हुए नजर आए, आवाज भी ऐसी की मानो कोई शेर जोर जोर से दहाड़ रहा हो और उसकी दहाड़ से आसपास मौजूद लोग जैसे काम होते हैं ठीक उसी प्रकार से किसान की दहाड़ से संयंत्र और जिला प्रशासन से आए हुए लोग जनसुनवाई को बीच में ही बंद करा कर मंच से चलते नजर आए लेकिन जाते-जाते उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह जनसुनवाई कुछ महीने पहले होना था लेकिन श्री सीमेंट कंपनी के द्वारा गैस का रिसाव हुआ जिसमें 50 से अधिक स्कूली बच्चे बीमार हो गए थे इस वजह से संयंत्र के द्वारा आयोजित जनसुनवाई को आगे के तारीख तक बढ़ाया गया था।

जिला प्रशासन की ओर से इस जनसुनवाई में पहुंची डिप्टी कलेक्टर दीप्ति गोप्ते ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनसुनवाई स्थगित नहीं हुई है बल्कि पूर्ण हुई है। ग्रामीणों के द्वारा विरोध और समर्थन दोनों ही पक्षों की वीडियोग्राफी कराई गई है और आगे इस कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा।

अब बड़ा सवाल यह की एक ओर श्री सीमेंट संयंत्र के विस्तार से प्रभावित होने वाले किसान है जो कि इस जनसुनवाई का फूल जोर विरोध करते हुए नजर आए इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से जनसुनवाई में पहुंची डिप्टी कलेक्टर दीप्ति गोप्ते ने कहा कि यह जनसुनवाई पूर्ण हो गई है । अब लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है की क्या जनसुनवाई में बाहर से आए लोग अपना समर्थन यदि देते हैं तो क्या कंपनी का जनसुनवाई पूर्ण हो जाता है वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग किसान जिनकी जमीन कंपनियों के द्वारा अपने उपयोग में लिया जाता है उनका विरोध कोई मायने नहीं रखता है।ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनका जवाब अभी मिलना बाकी है आगे भी इस जनसुनवाई से जुड़ी हुई खबर हम अब तक पहुंचाएंगे तब तक पढ़ते रहिए ।अपना न्यूज़ 24.in की रिपोर्ट


